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SIP क्या है और कैसे काम करता है?

क्या आप जानते है की सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान या सिप क्या है (SIP in Hindi)? आपने SIP के बारे में बात करते हुए बहुत से लोगों से सुना होगा. SIP से जुड़े काफी पोस्ट आपने अपने Mobile या Computer पर जरूर देखे होंगे. पर आप नहीं जानते SIP क्या है तो हमारे इस पोस्ट के जरिये हम आपको SIP यानी की Systematic Investment Plan से जुडी सारी जानकारी से रूबरू कराएँगे. SIP क्या है और इसका काम क्या होता है? आदि जानकारी आपको हमारी इस पोस्ट के जरिये दी जायेगी.

बचत करने के कई सारे तरीके है पर बचत के साथ साथ उस बचत की हुयी रकम को बढ़ाना ही सच्चे मायने में बचत करना होता है. बचत की हुयी रकम को हम बहुत सारी जगहों पर निवेश या फिर लगा सकते है और मुनाफा कर सकते है. पर अगर हम एक नियमित व संतुलित धन की प्राप्ति करना चाहते है तो हमको बचत की हुयी राशि को SIP के जरिये निवेश करना चाहिए.

SIP करने से न केवल हम अपनी बचत की हुयी राशि को बढ़ा रहे होते है बल्कि इसके जरिये हम टैक्स में भी छूट पाते है. शुरूआती समय में लोगों में SIP को लेकर भ्रम था और वो इसको नुकसानदायक समझते थे तो आजकी हमारी पोस्ट उन लोग के उस भ्रम को तोड़ने की कोशिश करेगी और SIP means in Hindi और उससे जुडी सम्पूर्ण महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ साझा की जायेगी.

सिप क्या है (SIP in Hindi)

SIP Kya Hai Hindi

हमने कई बार सुना है की छोटी-छोटी बूंदों से सागर बनता है और यह बात शत-प्रतिशत सही भी है. निवेश के मामले में भी यही बात लागू होती है. यह बिलकुल भी जरूरी नहीं है कि बड़ी राशि् कमाने के लिए हमें हमेशा बड़ा निवेश ही करना पड़े.

ऐसा करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर अनावश्यक बोझ पड़ सकता है क्योंकि बड़े निवेश करने के चक्कर में वो अपनी माली हालात को ताक में रख देगा. इसलिए अगर नियमित रूप से अगर छोटे निवेश भी किये जाएँ तो लंबी अवधि में बड़ा कोष तैयार हो सकता है वो भी बिना किसी जोखिम के. SIP भी इसी तरह काम करता है.

SIP कम नुकसान के साथ निवेश करने का एक बहुत ही आसान तरीका है. जिसमें आप हर महीने/अंतराल पर एक निश्चित रकम निवेश करके एक बड़े लक्ष्य के लिए बचत कर सकते है उसके बाद उस छोटी निवेश की हुयी राशि से आप लंबे समय में एक मोटी रकम प्राप्त कर सकते हैं.

SIP के जरिये निवेशक को एक निश्चित राशि एक निश्चित अवधि के लिए शेयर बाजार, Mutual Fund या फिर सोने आदि में निवेश करनी होती है, जिन लोगों को शेयर बाजार में ज्यादा जानकारी नहीं है और बाजार के काम करने के तरीके से अनभिज्ञ है उन लोगों के लिए SIP के जरिये निवेश करना एक बहुत ही बेहतर उपाय है. SIP में निर्धारित समय अंतराल पर निर्धारित राशि का निवेश किया जाता है. निवेशक SIP के जरिये शेयर बाजार, Mutual Fund और GOLD ETF में निवेश कर सकता है.

SIP mutual funds को मध्यम वर्गीय आदमी की पहुंच में लाया है क्योंकि यह उन लोगों को भी निवेश करने योग्य बनाता है जिनका बजट काफी कम होता है.जो एक बार में बङा निवेश करने में असमर्थ है पर वो हर महीने 500 या 1000₹ निवेश कर सकते है. तो SIP के जरिये वो ऐसे लोगों की पहुँच में आया है. मध्यम वर्गीय लोग लंबे समय तक छोटे निवेश करने से मोटा मुनाफा कमा सकते है.

SIP में आप हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करके किसीं कंपनी के फंड में निवेश कर Units खरीदते जाते है, उदाहरण के तौर पर किसी कंपनी के फंड का NAV 10₹ है तों 1000₹ निवेश करके आप बदले में उस कंपनी की 100 यूनिट प्राप्त कर लेंगे. और जब भी आप बाहर निकलना चाहे तो अपनी खरीदी हुयी उन यूनिट को उस समय पर चल रहे बाजार के भाव पर बेचकर मुनाफा प्राप्त कर सकते है.

सिप के फायदे (SIP Benefits in Hindi)

वेसे SIP के कई सारे फायदे है जैसे की टैक्स में छूट , निवेश में सरलता आदि पर इनके अलावा भी कुछ और फायदे है आइये जानते है SIP के क्या फायदे है:-

1) छोटा निवेश – जैसा की हम जानते है की इसमें निश्चित अंतराल पर नियमित रूप से एक निश्चित राशि का ही निवेश करना होता है, इसलिए अपनी दिनचर्या और खर्चों से निवेश के लिए राशि निकाल पाना बहुत ही आसान होता है. निश्चित अंतराल पर छोटी राशि को आप निरंतर रूप से लंबे समय तक निवेश करके एक बड़ी रकम प्राप्त कर सकते है.

अगर आप हर महीने 10 प्रतिशत ब्याज रिटर्न की दर से 1000₹ निवेश करते है तो 15 सालों में आपको आपके निवेश की अवधी पूरी होने पर लगभग 414,470 ₹ मिलेंगे. जबकि आपने इन 15 वर्षों में मात्र 1,80,000 रू ही जमा किये होंगे.

SIP में आप 500 रुपये से निवेश करना शुरू कर सकते है. जो की लंबे समय में आपको अच्छा मुनाफा प्रदान कर सकती है.

2) निवेश करने में आसानी – SIP में निवेश करना बहुत ही आसान होता है. इसके लिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है बस एक बार अपने प्लान चुन लेने के बाद निश्चित तारीख को म्युचुअल फंड आपके खाते से राशि निकालकर आपके चुने हुए प्लान में जमा कर देता है.

आपका बैंक अकाउंट आपके SIP स्कीम वाले अकाउंट से लिंक होता है. जैसे आपका प्लान है हर महीने 1000₹ निवेश का , तो आपके बैंक अकाउंट से हर महीने 1000₹ SIP वाले Account में transfer कर दिए जाते है. उन भेजे गए रुपयों का इस्तेमाल यूनिट खरीदने में किया जाता है जिससे आपको भविष्य में फायदा होता है.

3) रिस्क में कमी – SIP का सबसे बड़ा और मुख्य फायदा यह है की इसमें जोखिम काफी कम है. मान लीजिये की आप के पास पचास हजार रुपये शेयर बाजार में निवेश करने के लिए हैं. आपने उन रुपयों को एक साथ शेयर में लगा दिया.अब आप नहीं जानते की अगले दिन बाजार ऊपर जाएगा अथवा नीचे .

यह काफी जोखिम भरा सौदा होगा. यदि यही निवेश थोड़े थोड़े अंतराल में बाँट दिया जाए तो रिस्क में कमी आ जाती है. इस 50,000 रुपये को हम 5000 ₹ की 10 किश्तों के अंतराल में जमा करके शेयर बाजार के नुकसान से खुद को बचा सकते है. ठीक इसी प्रकार SIP हमें बड़ी राशि एक साथ न लगाने की वजह छोटी राशि निवेश करके शेयर बाजार के नुकसानों से बचाता है.

4) टैक्स में छूट – जब आप SIP में निवेश करते हैं तो आपको राशि के निवेश करने या राशि निकालने पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगता है. पर टैक्स की छूट देने वाले स्कीमों में लॉक इन पीरियड होता है जैसे की 3 वर्ष. आप इनमे निवेश करके टैक्स में छूट पा सकते है.

5) व्यवस्थित और अनुशासित निवेश – SIP में निवेश करने के लिए आपके अकाउंट से छोटी राशि (आपके प्लान के अनुसार) को नियमित रूप से निकाल कर निवेश किया जाता है. इससे आपकी निवेश करने की प्रक्रिया में अनुशासन और व्यवस्था बनी रहती है. यह अनुशासन आपको बचत करने के लिए प्रोत्शाहित करता है और आपकी बचत करने की आदत डलवाता है.

6) Compounding का लाभ – Compouding शब्द का अर्थ होता है ब्याज पर भीब्याज मिलना. जब भी SIP में निवेश किया जाता हैं और उस निवेश की हुयी राशि पर जो भी Return मिलता हैं उसे वापस से वहीँ पर Re-Invest यानी की दोबारा से निवेश कर दिया जाता हैं जिससे निवेशक का लाभ बढ़ जाता हैं और उसको होने वाले मुनाफे में वृद्धि आती है.

7) SIP से पैसे निकालने की सुविधा- ज्यादात्तर SIP स्कीमं में कोई भी Lock in Period नहीं होता है. लॉक इन पीरियड वह समय होता है जिसके पूरा हुए बिना आप स्कीम में से अपना पैसा नहीं निकाल सकते है. पर SIP की ज्यादातर स्कीमों में लॉक इन पीरियड नहीं होता.

निवेशक अपनी जरूरत के अनुसार SIP में निवेश को जारी रखने या बंद करने का निर्णय ले सकता हैं. इससे निवेशक को न केवल अच्छे Return प्राप्त होते है बल्कि इसके साथ साथ अपनी सुविधा के अनुसार advanced लिक्विडिटी भी प्राप्त होती है.

SIP में आप आज ही मात्र 500₹ हर महीने की दर से निवेश करना शुरू कर सकते है. इसमें आपको न Mutual Fund चुनने की जरुरत होती है. इसमें ज्यादातर चीज़ें Automatic होती है. SIP से मिलने वाले लाभ बहुत ही अधिक है और इसके नुकसान न के बराबर है.

अगर आपके पास थोडा सा भी धन आपके दैनिक जीवन से बाख रहा है तो आपको उसको SIP के जरिये निवेश करना चाहिए. भले ही वह धन अभी छोटा है पर कुछ वर्ष गुजरने के बाद और नियमित रूप से निवेश करने के बाद वह छोटा धन ही आपको एक बड़ा कोष इकठ्ठा करवाएगा. जिसको आप जैसे चाहे वेसे इस्तेमाल कर सकेंगे.

आज आपने क्या सीखा

मैं आशा करता हूँ आप लोगों को सिप क्या है (SIP in Hindi) के बारे में समझ आ गया होगा. मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने मित्रों में Share करें, जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा.

मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ.

लेकिन फिर भी अगर आपको हमारी इस पोस्ट SIP क्या होता है in hindi में कहीं कोई कमी दिखाई दे तो कृपया कमेंट बॉक्स में अपनी राय दे और हमें उस कमी को सुधारने में मदद करें ,धन्यवाद.

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